पत्ता-पत्ता, जीवन का हर राग गाता रफ्ता-रफ्ता
वहां कैनवास पर पत्ते ही पत्ते हैं। झरते हुए, कभी एक साथ और कभी छितराए हुए। हरे-पीले, नारंगी-नीले, ...
Ravindra Vyas द्वारा 26 मई, 2009 3:42:00 PM IST पर पोस्टेड
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मेरे चित्रों की प्रदर्शनी 21 फरवरी से जयपुर में
जयपुर में मेरे चित्रों की प्रदर्शनी 21 फरवरी से शुरू हो रही है। यह जयपुर जवाहर कला केंद्र की सुरेख ...
Ravindra Vyas द्वारा 19 फ़रवरी, 2009 11:45:00 AM IST पर पोस्टेड
रूदन जो पहुंचता है ऊपर ईश्वर के सिंहासन तक
मुंबई में आतंकवादी हमले के घेरे में सौ से ज्यादा लोगों के मरने की खबरें और इस घेरे में घायलों की ...
Ravindra Vyas द्वारा 29 नवंबर, 2008 3:34:00 PM IST पर पोस्टेड
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पलाश-सेमल के फूल और रंगात्मक प्रतिरोध
उनके चित्रों में वे सेमल और पलाश के चटख फूल रूपायित हो रहे हैं जो उन्होंने अपने बचपन में कभी गांव ...
Ravindra Vyas द्वारा 26 मई, 2009 3:37:00 PM IST पर पोस्टेड
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