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शकीरा के इंगेजमेंट्स ठोस धरातल पर डिमांडिंग हैं। उसके साथ सफर करने वाली पूरी टीम कीसी कॉम्बेट बटालियन से मिलती-जुलती है जिसमें संगीतकार, लाइट टेक्निशियंश, साउंड इंजीनियर्स, स्टेज के सहयोगी और अन्य शामिल हैं। वह हर चीज को व्यक्तिगत दिलचस्पी लेकर देखती है। वह संगीत को पढ़ती नहीं है लेकिन उसका परफेक्ट पीच और पूरा फोकस इस बात की इजाजत देता है कि वह यह सुनिश्चित कर सके और उसके हर संगीतकार को हर नोट बिलकुल सही मिले। वह अपनी टीम के हर सदस्य में भी गहरी दिलचस्पी लेती है। यह बहुत दुर्लभ होता है कि वह अपनी थकान को कभी जाहिर होने दे।
एमिलियो और उसकी पत्नी ग्लोरिया के कोलोबोरेशन में दांदे इस्तान लास लाद्रोंस (व्हेअर आर द थीव्स) के इंग्लिश वर्शन की दुष्कर तैयारी में उसके लिए स्थिति और भी विकट कर दी है। इसमें शकीरा अपनी जिदंगी के सबसे त्रासदायक दबाव में थी ः वह काम चलाऊ अंग्रेजी बोलती थी, लेकिन अपने एक्सेंट को परिष्कृत करने के लिए खुद मेहनत कर रही थी और इतनी आब्सेस्ड हो गई थी कि कई बार ऐसा होता कि वह नींद में भी अंग्रेजी बड़बड़ाने लगी थी। अमेरिका में अपने पहले प्रदर्शन के पहले उसे बुखार था और वह सो नहीं पा रही थी। मैं रातभर रोती रही, यही सोचती रही कि मैं यह प्रोग्राम नहीं दे पाऊंगी।
कोलंबिया के बेरेंक्विला के सर्राफ विलियम मेबरेक और नीदिया रिपोल की बेटी शकीरा अरब डिसेंट के एक कलाकार परिवार में जन्मी। १७ माह की उम्र उसने अल्फाबेट बोलना शुरू कर दिया, चार साल की उम्र में एक कान्वेंट स्कल में बेली डांस किया। जब वह सात साल की थी तब शकीरा ने अपना पहला गीत कम्पोज किया। आठ साल की उम्र में वह कविताएं लिखना शुरू करती है और दस साल की उम्र मौलिक गीत लिखती है और कम्पोज भी करती है। इसी समय वह अपना पहला कॉन्ट्रेक्ट साइन करती है और अटलांटिक कोस्ट पर अल सेरजोन कोयला खदान के कर्मचारियों का मनोरंजन करती है। वह अपनी सेकंडरी स्कूल की पढ़ाई भी शुरू नहीं करती है कि एक रिकॉर्ड कंपनी उसे साइन करती है।
वह कहती है-मैं हमेशा जानती हूं कि मैं जबरदस्त रचनात्मक हूं। मैं प्रेम कविताएं सुनाती हूं, मैं कहानियां लिखती हूं और गणित को छोड़कर मुझे हर सब्जेक्ट में एक्सीलेंट ग्रेड मिलती है। जब उसके माता-पिता के दोस्त उसे कुछ गाने के लिए कहते हैं तो वह इसके लिए खड़ी ही नहीं होती। वह कहती है-पांच बूढ़ों के सामने गाने और गिटार बजाने के बजाय मुझे चाहिए तीस हजार लोगों की भीड़। वह मासूम लगती है लेकिन इस बात को लेकर आश्वस्त भी रहती है कि एक दिन वह दुनियाभर में मशहूर होगी। वह यह नहीं जानती कि क्यों और वह यह भी नहीं जानती कि कैसे लेकिन इस बारे में उसे जरा भी शंका नहीं। यही उसका भाग्य है।
आज उसके सपने, सच होने से कुछ ज्यादा हो गए हैं। शकीरा का संगीत किसी और के संगीत की तरह नहीं है और उसने खुद की भोली ऐंद्रिकता को खोज लिया है। यह बात अकसर सतही ढंग से कही जाती है कि यदि मैं नहीं गाऊंगी तो मर जाऊंगी लेकिन शकीरा के मामले में यह बात एकदम सच है। जब वह नहीं गाती तब वह बमुश्किल जिंदा लगती है। उसकी आंतरिक शांति, भीड़ के बीच अपने को अकेला महसूस करने के भाव से आती है। उसे स्टेज से कभी डर नहीं रहा, वह सिर्फ इस बात से डरती है कि उसे स्टेज पर जाने से रोका जाएगा- मैं महसूस करती हूं कि जैसे जंगल में शेर हूं। वह जहां है सचमुच उसे वहीं होना था।
कई गायक तेज रोशनी में स्टेज पर होते हैं। शकीरा ठीक इसके विपरित चुनती है, वह अपने टेक्निशियंस को यह आदेश देती हुई कि सबसे तेज लाइट सुनने वालों की तरफ मोड़ दो ताकि वह उन्हें देख सके। वह कहती है- इससे पूरा संप्रेषण होता है। वह अपनी प्रेरणा से एक ऐसी भीड़ को आकार देती है जिसके बारे में कुछ भी अंदाज नहीं लगाया जा सकता। कभी कभी वह अपने सुनने वालों को देखती है और उसमें उसे कई ऐसे चेहरे दिखाई देते हैं जिन्हें उसने पहले कभी नहीं देखा, लेकिन वह उन्हें अपने पुराने दोस्तों की तरह याद रखती है। एक बार उसने एक ऐसे व्यक्ति को पहचान लिया जो बरसों पहले मर चुका था। किसी दूसरे समय उसे महसूस हुआ कि कोई दूसरी जिंदगी से उसकी तरफ देख रहा है। वह कहती है-मैं ऐसे लोगों के लिए रातभर गाती हूं। ऐसे चमत्कार ही कई महान कलाकारों के लिए प्रेरणा बन जात हैं और बहुधा बर्बादी।
शकीरा फिनामिनन की सबसे जबरदस्त बात यह है कि उसके क्रेज ने बच्चों की दुनिया को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। जब उसका एलबम पिएस डेस्काल्जोस १९९६ में रिलीज हुआ तो उसके प्रचारकों ने यह फैसला किया कि इसे कैरेबियन के लोक समारोह के अंतराल में प्रमोट किया जाएगा लेकिन जब बच्चों ने गीत गाना, नाचना और संगीत में डूबना शुरू कर दिया और पूरी शाम शकीरा और शकीरा की मांग की तो प्रचारकों को अपनी वह तरकीब बदलना पड़ी। आज यह फिनामिनन डॉक्टोरल शोध के लिए सार्थक बन गया है। हर सोशल क्लास की प्राइमरी स्कूल की बच्चियां शकीरा का क्लोन बन गई हैं- ये बच्चियां उसकी तरह कपड़े पहनती हैं, बातें करती हैं और शकीरा की तरह ही गाती हैं। छह साल तक की लड़कियां उसकी सबसे समर्पित प्रशंसिकाएं हैं। शकीरा का नेकलेस, ईयरिंग्स और बालों की एसेसरीज दुकानों में आते ही तुरंत बिक जाती हैं। होलसेल बाजार में हेअर डाई भारी मात्रा में आता है और इसलिए लड़कियां शकीरा की लेटेस्ट स्टाइल के मुताबिक अपने लुक में बदलाव करती रहती हैं। शकीरा के एलबम को सबसे पहले खरीद कर ले आने वाली लड़की स्कूल में सबसे लोकप्रिय लड़की होती है। बेस्ट स्टडी सर्कल वे हैं जहां होम वर्क तुरत-फुरत निपटाया जाता है और फिर भगदड़। बर्थ पार्टियां छोटी-छोटी शकाराअों का जमावड़ा होती हैं और शकीरा के संगीत पर ही नाचना-गाना होता है। सबसे प्यूरिस्ट सर्कल वे हैं जिनमें लड़कों को कतई नहीं बुलाया जाता और ऐसे बहुत सारे सर्कल हैं।
अपनी फिनामिनल संगीत प्रतिभा और मार्केट सेवी होने के बावजूद शकीरा आज जिस मुकाम पर है वह उसकी असामान्य वयस्कता के बिना संभव नहीं था। यह समझना मुश्किल कि इतनी जबरदस्त रचनात्मक ऊर्जा एक ऐसी लड़की में कैसे है जो बालों का रंग हर रोज बदलती रहती है, कल काला, आज लाल और फिर कल हरा। आज उसके पास कई वरिष्ठ कलाकारों से ज्यादा सम्मान, ट्रॉफियां और सम्मानीय डिग्रीयां हैं। आप उससे पूछ सकते हैं वह वहां है जहां सचमुच उसे होना था-बुद्धिमान, असुरक्षित, प्यारी, गहन, नखरेबाज और रहस्यमय। यहां तक अपने पेश में शिखर पर होने के बावजदू वह बेरेंक्विला से आई एक लड़की ही लगती है। वह अब तक अपना ड्रीम होम नहीं खरीद पाई है-समुंदर के किनारे, ऊंची छत वाला घर, जहां दो घोड़े बंधे हों। वह किताबों से प्यार करती है, उन्हें खरीदती भी है लेकिन किताबों से जितना प्रेम करती है उतना पढ़ने के लिए उसके पास समय नहीं है। वह अपने दोस्तों को मिस करती है जिन्हें एयर पोर्ट पर जल्दबाजी में अलविदा कहती पीछे छोड़ आई है लेकिन वह जानती है उन्हें दोबारा देखना आसान नहीं होगा।
वह जो पैसा कमाती है उसके बारे में कहती है-यह उससे ज्यादा जितना मैं स्वीकार करती हैं उससे कम जितना कि लोग सोचते हैं। संगीत सुनने की उसकी सबसे पसंदीदा जगह कार है जहां वह पूरी तेज आवाज में, खिड़कियां बंद रखे ताकि किसी को कोई तकलीफ न हो। खुद से बात करने और समझने की कोशिश के लिए और ईश्वर से बात करने की भी यह उसकी आदर्श जगह है। उसे टेलीविजन से नफरत है। वह कहती है उसका सबसे बड़ा अंतर्विरोध यह है कि इटरनल जिंदगी और मृत्यु के असहनीय आतंक में विश्वास करती है।
वह इस बात के लिए जानी जाती है कि अपने को दोहराए बिना उसने एक दिन में चालीस इंटरव्यू दिए। हर विषय के बारे में उसके अपने खयाल हैं-कला, इस जिंदगी और अगली जिंदगी, ईश्वर के होने, प्रेम और मृत्यु के बारे में। वह कहती है-दिन के पूरे उजाले में मैं सूर्यास्त के बारे में नहीं सोचना चाहती।
वह कहती है
प्रेम उसके लिए सबसे फिसलनभरा विषय है। वह इसे एक्जाल्ट करती है, आइडियलाइज करती है और उसके गीतों के पीछे इसी की ताकत है लेकिन बातचीत में वह प्रेम पर ह्यूमर के साथ बात करती है। वह हंसते हुए कहती है- सच तो यह है कि मैं मृत्यु से ज्यादा शादी से डरती हूं। वह अपने चार ब्वाय फ्रेंड्स के लिए जानी जाती है और शरारतभरे अंदाज में कहती है कि तीन और हैं जिन्हें कोई नहीं जानता। वे सब उसके हम उम्र के हैं लेकिन कोई भी उसकी वयस्कता के नजदीक नहीं ठहरता।
रवींद्र व्यास द्वारा अनूदित
(यह लेख द पोएट एंड द प्रिंसेस शीर्षक से द गार्जियन में प्रकाशित हुआ था। जो पाठकलेख को पूरा पढ़ना चाहते हैं वे दगार्जियन डॉट को पर लॉगइन कर सकते हैं।)
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