Welcome, Guest   [ Register | Sign In | Take a tour | Adult Filter: On ]

17 नवंबर, 2008


ब्लॉग्स (1)
हेमन्त शेष की कवितानर्म और सुगंधमयी कोंपलों की तरहफूट आती हैं नीलीकांपती हुई इच्छाएंअनसुने दृश्यों और अनदेखी आवाज़ों के स्वागत मेंप्रेम खोल देता है आत्मा की बंद खिड़कीवहां बिलकुल शब्दहीनअोस से भरी हवाएं प्रवेश कर सकती हैंदेह की दीर्घा की हर चीज़भीगी और ... आगे पढ़ें...